नेशनल डेस्क : जम्मू-कश्मीर में बीते कुछ दिनों से हो रही लगातार भारी बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। इस बारिश ने कई जगहों पर भूस्खलन और बाढ़ जैसी भयावह स्थिति पैदा कर दी है। विशेष रूप से कटरा स्थित माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर हालात बेहद खराब हो चुके हैं।
वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बड़ा भूस्खलन, 31 की मौत
बुधवार को कटरा के त्रिकूट पहाड़ी क्षेत्र में हुए एक बड़े भूस्खलन में कम से कम 31 लोगों की जान चली गई और 23 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है लेकिन अब भी आशंका है कि मलबे के नीचे और लोग फंसे हो सकते हैं। पहाड़ से गिरे पत्थरों और मलबे की वजह से यात्रा मार्ग बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है।


जम्मू-कटरा राजमार्ग बंद, ट्रेनें रद्द
भारी भूस्खलन के कारण जम्मू-कटरा हाईवे पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके अलावा नॉर्दर्न रेलवे ने बुधवार को 22 ट्रेनें रद्द कर दीं और 27 ट्रेनों को शॉर्ट-टर्मिनेट किया। इनमें वैष्णो देवी बेस कैंप से चलने वाली 9 महत्वपूर्ण ट्रेनें भी शामिल हैं। इससे हजारों यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
6 घंटे में 22 सेंटीमीटर बारिश, पुल ढहे और टावर गिरे
मंगलवार को सुबह 11:30 बजे से शाम 5:30 बजे के बीच जम्मू में 22 सेंटीमीटर बारिश हुई। यह बारिश इतनी तेज थी कि कई पुल ढह गए, बिजली की लाइनें टूट गईं और मोबाइल टावर गिर गए। इससे संचार व्यवस्था भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। कई इलाकों में टेलीकॉम ब्लैकआउट जैसी स्थिति बन गई है, जिससे लाखों लोग संपर्क से बाहर हो गए हैं।
3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
बारिश और भूस्खलन के कारण आए जलभराव से अब तक 3,500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया है। राहत कार्य जिला प्रशासन, जम्मू-कश्मीर पुलिस, NDRF, SDRF, भारतीय सेना और स्थानीय वॉलंटियर्स के सहयोग से तेज़ी से चल रहा है। प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी शेल्टर्स में खाना, पीने का साफ पानी और मेडिकल सहायता दी जा रही है।


प्रशासन की अपील और तैयारियां
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों की ओर जाएं। हाई-रिस्क ज़ोन में रहने वाले लोगों को निकालने का काम प्राथमिकता पर किया जा रहा है। इसके साथ ही प्रशासन बारिश की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है।
लोगों की मुश्किलें बढ़ीं, लेकिन राहत की उम्मीद
बारिश के कारण सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। स्कूल, दफ्तर और बाजारों को अस्थायी रूप से बंद किया गया है। हालांकि, आधी रात के बाद बारिश में थोड़ी कमी आई है, जिससे कुछ इलाकों को राहत मिली है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता घटने की संभावना जताई है।
जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाएं बिना चेतावनी के कितना बड़ा संकट खड़ा कर सकती हैं। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि नुकसान को कम किया जा सके और लोगों की जान बचाई जा सके। इस मुश्किल समय में ज़रूरत है कि सभी लोग सतर्क रहें, प्रशासन का सहयोग करें और अफवाहों से दूर रहें।






