नेशनल डेस्क: गुजरात के पंचमहल जिले के पावागढ़ शक्तिपीठ में शनिवार को एक बड़ा हादसा सामने आया। दोपहर लगभग साढ़े तीन बजे मालवाहक रोपवे की रस्सी अचानक टूट गई, जिससे ट्रॉली नीचे गिर गई। इस दुर्घटना में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में दो लिफ्ट ऑपरेटर, दो मजदूर और दो अन्य स्थानीय लोग शामिल हैं। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मंदिर परिसर में सन्नाटा पसर गया।
गुजरात पावागढ़ शक्तिपीठ हादसा कैसे हुआ ?
स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, जिस समय हादसा हुआ उस वक्त ट्रॉली में सामान के साथ छह लोग भी सवार थे। ट्रॉली नीचे उतर रही थी कि अचानक स्टील केबल टूट गया और ट्रॉली लगभग सौ मीटर गहराई में जा गिरी। बताया जा रहा है कि जिस खंभे पर वायर जुड़ा था, वह भी हादसे के दौरान झुक गया। इस रोपवे का इस्तेमाल केवल सामान ढोने के लिए किया जाता था, जबकि यात्रियों के लिए अलग से रोपवे की सुविधा है।
गुजरात पावागढ़ शक्तिपीठ हादसे में मृतकों की जानकारी
जिला कलेक्टर अजय दहिया और पुलिस अधीक्षक हरेश दुधात ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि मृतकों में दो लिफ्ट ऑपरेटर, दो मजदूर और दो अन्य लोग शामिल हैं। घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। मृतकों के परिजनों को प्रशासन की ओर से सहायता प्रदान करने की घोषणा की गई है।
बचाव और राहत अभियान
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। आसपास के ग्रामीणों ने भी बचाव कार्य में मदद की। घायल व्यक्तियों को ट्रॉली से बाहर निकालने में काफी मुश्किलें आईं, क्योंकि पहाड़ी इलाका दुर्गम है और दुर्घटना स्थल तक पहुंचना आसान नहीं था। राहत दल ने कई घंटों की मशक्कत के बाद शवों और घायलों को बाहर निकाला।
गुजरात पावागढ़ शक्तिपीठ हादसे पर सरकार की प्रतिक्रिया
गुजरात सरकार ने इस घटना को गंभीरता से लिया है। राज्य सरकार के प्रवक्ता और मंत्री ऋषिकेश पटेल ने कहा कि प्राथमिक जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि पावागढ़ में दो रोपवे संचालित हैं – एक आम श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए तथा दूसरा विशेष रूप से निर्माण सामग्री और सामान ढोने के लिए। हादसा सामान ले जाने वाले रोपवे में हुआ है। सरकार ने जांच समिति गठित कर दी है, जो तकनीकी खामियों और लापरवाही की जांच करेगी।
धार्मिक महत्व और पर्यटकों की संख्या
पावागढ़ शक्तिपीठ गुजरात का एक प्रमुख धार्मिक स्थल है। यहां माता काली का प्राचीन मंदिर स्थित है, जो समुद्र तल से करीब 800 मीटर की ऊंचाई पर है। माना जाता है कि यहां दर्शन करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। हर साल करीब 25 लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक यहां पहुंचते हैं। शनिवार को हुए इस हादसे ने श्रद्धालुओं को गहरा आघात पहुंचाया है। घटना के बाद प्रशासन ने मुख्य रोपवे को दो दिनों के लिए बंद करने का निर्णय लिया है।
हादसे के बाद का माहौल
मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में शोक और दहशत का माहौल है। श्रद्धालु और स्थानीय लोग बेहद दुखी हैं कि आस्था की इस जगह पर ऐसी दर्दनाक घटना हो गई। हादसे के बाद मंदिर आने वाले लोगों की भीड़ में अचानक कमी देखी गई है। कई श्रद्धालुओं ने प्रशासन से रोपवे की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
जांच से जुड़े पहलू
अधिकारियों का कहना है कि प्राथमिक जांच में केबल टूटने की वजह तकनीकी खराबी या रखरखाव में कमी हो सकती है। हालांकि अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण स्पष्ट होगा। कलेक्टर ने कहा कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सभी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जाएगी।
पावागढ़ शक्तिपीठ में हुई यह दुर्घटना न केवल छह परिवारों के लिए त्रासदी है, बल्कि पूरे गुजरात के लिए एक बड़ी चेतावनी भी है। लाखों श्रद्धालु हर साल यहां आते हैं, ऐसे में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अनिवार्य हैं। हादसे के बाद प्रशासन पर दबाव है कि वह रोपवे संचालन से जुड़े सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच करे और दोषियों को सख्त सजा दिलाए। फिलहाल, सरकार ने मृतकों के परिजनों को मुआवजा और घायलों को बेहतर इलाज दिलाने का आश्वासन दिया है।






