नेशनल डेस्क: साल का दूसरा और अंतिम पूर्ण Chandra Grahan 2025 भारत समेत दुनिया के कई देशों में आज दिखाई दे रहा है। यह खगोलीय घटना भारतीय समयानुसार शनिवार, 7 सितंबर की रात 9 बजकर 58 मिनट से शुरू हो चुकी है और यह 1 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी। कुल मिलाकर यह ग्रहण 3 घंटे 28 मिनट तक चलेगा। इस दौरान आसमान में पूर्ण चंद्रमा धीरे-धीरे पृथ्वी की छाया में ढक जाएगा और ‘ब्लड मून’ यानी लालिमा लिए चांद का अद्भुत नजारा दिखाई देगा।
भारत में कहां-कहां दिखेगा ग्रहण (Chandra Grahan 2025)?
देश के लगभग सभी बड़े शहरों में यह दुर्लभ खगोलीय दृश्य साफ नजर आएगा।
- उत्तर भारत – दिल्ली, लखनऊ, चंडीगढ़ और जयपुर
- पश्चिम भारत – मुंबई, पुणे और अहमदाबाद
- दक्षिण भारत – चेन्नई, बेंगलुरु, हैदराबाद और कोच्चि
- पूर्वी भारत – कोलकाता, गुवाहटी और भुवनेश्वर
- मध्य भारत – भोपाल, नागपुर और रायपुर
इन सभी जगहों पर लोग रात 9:58 बजे से चंद्रमा को धीरे-धीरे बदलते हुए देख सकते हैं।
अगला पूर्ण चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) कब लगेगा?
भारत में पिछली बार पूर्ण चंद्र ग्रहण 2025 का नजारा साल 2018 में देखने को मिला था। आज के बाद अगला मौका 31 दिसंबर 2028 को आएगा। ऐसे में खगोल विज्ञान के शौकीनों और आम लोगों के लिए यह अवसर बेहद खास माना जा रहा है।
चंद्र ग्रहण (Chandra Grahan 2025) कैसे लगता है?
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तो सूर्य की रोशनी सीधे चंद्रमा तक नहीं पहुंच पाती। इस स्थिति में चांद पृथ्वी की छाया में आ जाता है, और उसे हम चंद्र ग्रहण कहते हैं।
- आंशिक चंद्र ग्रहण तब लगता है जब चांद का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढकता है।
- पूर्ण चंद्र ग्रहण तब होता है जब पूरा चांद छाया में चला जाता है। इस दौरान चंद्रमा लाल रंग का नजर आता है, जिसे लोग ब्लड मून भी कहते हैं।
धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता
भारतीय संस्कृति और हिंदू धर्म में ग्रहण का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण काल को शुभ नहीं माना जाता। इस दौरान पूजा-पाठ और नए कार्य करने से परहेज की सलाह दी जाती है। कई लोग ग्रहण के दौरान उपवास, मंत्र जप और दान-पुण्य करते हैं। वहीं वैज्ञानिक दृष्टिकोण से यह एक प्राकृतिक घटना है, जो सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा की स्थिति पर निर्भर करती है।
ज्योतिषीय प्रभाव
ज्योतिषाचार्यों के अनुसार, यह ग्रहण शनि की राशि कुंभ और गुरु के नक्षत्र पूर्वभाद्रपद में लग रहा है। कहा जाता है कि ग्रहण का असर व्यक्ति की मानसिक स्थिति और जीवन के फैसलों पर भी पड़ सकता है। कई बार इसे अशुभ माना जाता है, लेकिन वैज्ञानिक इसे केवल खगोलीय परिवर्तन के रूप में देखते हैं।
यूरोप से लेकर ऑस्ट्रेलिया तक दिखेगा
भारत के अलावा यूरोप, अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के कई हिस्सों में यह ग्रहण देखा जा सकेगा। खगोलविदों के अनुसार आज रात का यह दृश्य दुनिया भर के कई देशों में लोगों को आसमान की ओर देखने पर मजबूर करेगा।
ब्लड मून का अद्भुत नजारा
पूर्ण चंद्र ग्रहण के समय चंद्रमा लाल या तांबे जैसी आभा लिए नजर आता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी की सतह से सूर्य की कुछ किरणें वायुमंडल से गुजरकर चांद तक पहुंचती हैं और लालिमा लिए प्रकाश उसे ढक लेता है। यही कारण है कि लोग इसे ब्लड मून कहते हैं।
लोग कैसे देखें ग्रहण?
चंद्र ग्रहण को नंगी आंखों से देखना बिल्कुल सुरक्षित है। इसके लिए किसी विशेष चश्मे या उपकरण की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि, दूरबीन या टेलिस्कोप से देखने पर इसका दृश्य और भी आकर्षक नजर आता है। खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए यह रात बेहद यादगार बनने वाली है।
आज की रात भारत और दुनिया के कई देशों में आसमान पर अद्भुत नजारा देखने को मिलेगा। 7 सितंबर 2025 का यह पूर्ण Chandra Grahan 2025 न सिर्फ वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण है, बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यता से भी खास महत्व रखता है। अगला ऐसा अवसर साल 2028 में आएगा। इसलिए आज रात आसमान में दिखाई देने वाला यह “ब्लड मून” हर किसी के लिए एक यादगार अनुभव साबित होगा।






