PM मोदी का GST धमाका, रसोई से कार तक सबकुछ कितना सस्ता?, विपक्ष क्यों खफा

GST 2.0 GST 2.0: New GST Rates और GST saving festival से kitchen से car तक राहत, विपक्ष का हमला।

नेशनल डेस्क: नवरात्रि से ठीक एक दिन पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को संबोधित करते हुए जीएसटी 2.0 लागू करने का ऐलान किया और इसे जीएसटी बचत उत्सव का नाम दिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह सुधार हर वर्ग के लिए राहत लेकर आया है और एक साल में देश के नागरिकों की लगभग 2.5 लाख करोड़ रुपये की बचत होगी। उनका कहना है कि यह कदम मध्यम वर्ग, गरीब और छोटे कारोबारियों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा और त्योहारी सीजन में उनकी खरीद क्षमता बढ़ाएगा।

रसोई से ड्राइंग रूम तक राहत

सरकार ने रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले करीब 375 सामान और सेवाओं पर जीएसटी दरें घटा दी हैं। अब पैक्ड आटा, दाल, चावल, पनीर, ब्रेड, बिस्कुट, नमकीन, पास्ता और कॉर्न फ्लेक्स जैसे खाद्य पदार्थों पर केवल 5% जीएसटी लगेगा। पहले 12% और 18% स्लैब में आने वाले इन प्रोडक्ट्स के सस्ते होने से चार सदस्यीय परिवार को महीने में 1500 रुपये से ज्यादा की बचत हो सकती है। साबुन, टूथपेस्ट, डिटर्जेंट और शैम्पू पर भी अब सिर्फ 5% टैक्स लगेगा, जिससे घरेलू बजट पर दबाव कम होगा।

किसानों को बड़ा फायदा

कृषि क्षेत्र में भी जीएसटी सुधार का सीधा असर देखने को मिलेगा। ट्रैक्टर और अन्य कृषि उपकरणों पर टैक्स कम होने से किसानों को 40 से 60 हजार रुपये तक की बचत होगी। पावर टिलर, सीड ड्रिल और हार्वेस्टर जैसे महंगे उपकरण भी अब पहले की तुलना में सस्ते मिलेंगे। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान का कहना है कि इससे किसानों की उत्पादन लागत घटेगी और उनकी आय में बढ़ोतरी होगी।

ऑटो सेक्टर में उछाल

छोटी कारों पर जीएसटी घटाकर 28% से 18% कर दिया गया है। इसके चलते हैचबैक और कॉम्पैक्ट कारों के दाम 70 हजार से लेकर 1.5 लाख रुपये तक कम हो गए हैं। दोपहिया वाहन भी 6 से 16 हजार रुपये तक सस्ते हो गए हैं। देशभर के ऑटो डीलरशिप्स ने बताया कि नई दरों के बाद कार और बाइक की बुकिंग में 30-40% तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

बीमा और दवाओं पर राहत

सरकार ने जीवन और स्वास्थ्य बीमा को जीएसटी से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। यह फैसला लंबे समय से बीमा क्षेत्र की मांग रही है। इसके अलावा कैंसर समेत 33 जीवनरक्षक दवाओं और मधुमेह जांच उपकरणों को टैक्स-फ्री कर दिया गया है। इससे गंभीर बीमारियों के इलाज पर होने वाला खर्च कम होगा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।

सरकार का दावा – नया आर्थिक युग

पीएम मोदी ने इसे “अमृत काल का सुधार” बताते हुए कहा कि पिछले 11 सालों में 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं और अब उनकी आकांक्षाओं को पूरा करने का समय है। सरकार का दावा है कि जीएसटी 2.0 से खपत बढ़ेगी, छोटे व्यापारियों के लिए जीएसटी पंजीकरण और रिफंड प्रक्रिया आसान होगी और बाजार में मांग को नई गति मिलेगी।

विपक्ष का हमला

दूसरी ओर, कांग्रेस और विपक्षी दल इस फैसले को चुनावी स्टंट बता रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि पिछले आठ सालों में सरकार ने जीएसटी के नाम पर 55 लाख करोड़ रुपये वसूले और अब चुनाव से पहले दरें घटाकर जनता को गुमराह कर रही है। विपक्ष का आरोप है कि कच्चे माल पर उच्च टैक्स बनाए रखे गए हैं, जिससे छोटे उद्योगों पर बोझ बढ़ेगा और असंगठित क्षेत्र प्रभावित होगा।

जनता की जेब में फर्क

फिलहाल आम लोग रसोई, गाड़ियों और बीमा पॉलिसियों में तुरंत राहत महसूस कर रहे हैं। त्योहारी सीजन में बाजारों में रौनक लौटने लगी है और बड़े पैमाने पर खरीदारी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि छोटे कारोबारी अब भी टैक्स स्ट्रक्चर में मौजूद खामियों को लेकर चिंतित हैं।

जीएसटी 2.0 को लेकर देश में उत्साह और आलोचना दोनों है। सरकार इसे बचत और विकास का उत्सव बता रही है, जबकि विपक्ष इसे गब्बर सिंह टैक्स का नया रूप कह रहा है। असली तस्वीर आने वाले महीनों में साफ होगी जब यह देखा जाएगा कि इससे खपत में कितनी बढ़ोतरी हुई और लोगों की जेब में वाकई कितनी बचत हुई।

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