नेशनल डेस्क : बिहार विधानसभा चुनावों की आहट के बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने राज्य की सियासी फिजा में गर्माहट ला दी है। इस यात्रा के जरिए विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक जनता को यह संदेश देने की कोशिश कर रहा है कि केंद्र सरकार ने आम लोगों के वोटिंग अधिकारों को कमजोर किया है..अब जैसे-जैसे यात्रा आगे बढ़ रही है वैसे-वैसे विपक्ष के दिग्गज नेता इसमें शिरकत करने लगे हैं जिससे सियासत और भी तेज हो गई है।
प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी की मौजूदगी ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी
सुपौल में आयोजित एक रैली में राहुल और तेजस्वी के साथ प्रियंका गांधी और तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने यात्रा में हिस्सा लिया। प्रियंका गांधी ने मंच से केंद्र सरकार पर सीधा हमला करते हुए कहा कि “मोदी सरकार ने वोट चोरी की साजिश रची है” और यह भी कहा कि “अगर वोट का अधिकार छिन गया तो राशन कार्ड से लेकर सभी योजनाओं पर आपका हक भी खत्म हो जाएगा। तेजस्वी यादव ने इन दोनों नेताओं का गर्मजोशी से स्वागत किया और कहा कि वोटर अधिकार यात्रा को विपक्षी दलों का बड़ा समर्थन मिल रहा है।
बीजेपी-जेडीयू का पलटवार: पुरानी बातों से घेरा विपक्ष
एनडीए के नेताओं ने प्रियंका गांधी और रेवंत रेड्डी के बिहार दौरे को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं दी हैं। बीजेपी नेता सम्राट चौधरी ने रेवंत रेड्डी के एक पुराने बयान को याद दिलाते हुए कहा कि उन्होंने तेलंगाना में बिहारियों के DNA पर सवाल उठाया था। वहीं उन्होंने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी ने पंजाब में बिहारियों के अपमान पर ताली बजाई थी।
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि “बिहार के डीएनए में भगवान बुद्ध और महात्मा गांधी हैं। रेवंत रेड्डी को बिहार के इतिहास को समझना चाहिए।”
जेडीयू प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने भी हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस ने सत्ता की लालच में बिहार के स्वाभिमान से समझौता किया है।
अब एमके स्टालिन की एंट्री, क्या बढ़ेगा विवाद?
बुधवार को यात्रा में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन और डीएमके सांसद कनिमोझी शामिल होने जा रहे हैं। इससे एनडीए को एक और मौका मिल सकता है विपक्ष पर हमला करने का। स्टालिन के खिलाफ पहले भी हिंदू विरोधी बयान, सनातन धर्म पर टिप्पणी और हिंदी विरोध को लेकर विवाद हो चुके हैं। 2023 में उनके बेटे उदयनिधि स्टालिन ने सनातन धर्म को समाप्त करने की बात कही थी, जिससे उत्तर भारत में राजनीतिक बवाल मच गया था। ऐसे में अब जब स्टालिन राहुल-तेजस्वी के साथ मंच साझा करेंगे तो बीजेपी और जेडीयू उनके बयानों को फिर से हवा दे सकते हैं।
विपक्ष की रणनीति: वोटर अधिकार यात्रा से दिखाना एकजुटता
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने दावा किया है कि वोटर अधिकार यात्रा अब एक ऐतिहासिक आंदोलन बन चुका है। उनका कहना है कि यह यात्रा ना सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश में लोगों को जागरूक कर रही है। यही वजह है कि इंडिया ब्लॉक के कई बड़े नेता यात्रा में लगातार शामिल हो रहे हैं। अब तक यात्रा में कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार, तेलंगाना के सीएम रेवंत रेड्डी, प्रियंका गांधी शामिल हो चुके हैं। जल्द ही तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन, कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया, सपा प्रमुख अखिलेश यादव, झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन और हिमाचल के सीएम सुखविंदर सुक्खू के शामिल होने की संभावना है।
जनता के बीच बन रही है लहर, विपक्ष को मिल रहा समर्थन?
विपक्षी दलों का कहना है कि इस यात्रा को बिहार की जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। जनसभाओं में जुट रही भीड़ और लोगों की प्रतिक्रिया यह दिखा रही है कि बिहार के मतदाता विपक्ष की बात सुन रहे हैं…राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की जोड़ी को जनता का मिल रहा समर्थन एनडीए को परेशान कर रहा है, इसी वजह से बीजेपी और जेडीयू नेता तरह-तरह के आरोप लगाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं।बिहार की सियासत में ‘वोटर अधिकार यात्रा’ ने हलचल पैदा कर दी है। एक ओर जहां विपक्ष इसे लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई बता रहा है, वहीं एनडीए इसे अवसरवाद और बिहारियों के अपमान से जोड़कर घेरने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में जैसे-जैसे और नेता इसमें शामिल होंगे, सियासी तापमान और चढ़ेगा। अब देखना होगा कि बिहार की जनता किस नैरेटिव को सच मानती है।






