इंटरनेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के तिआनजिन शहर में हैं। वे वहां शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit 2025) के सम्मेलन में शामिल होने आए हैं। इस सम्मेलन से पहले पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। यह मुलाकात करीब एक घंटे तक चली। दोनों नेताओं ने एक-दूसरे से मिलकर खुशी जताई। यह पीएम मोदी का सात साल बाद चीन का दौरा है और दस महीने में यह दूसरी बार है जब वे शी जिनपिंग से मिले हैं।
बैठक में कौन-कौन लोग शामिल थे?
पीएम मोदी के साथ उनकी मुलाकात में कुछ खास लोग भी मौजूद थे, जैसे कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव विक्रम मिस्री और भारत के चीन में राजदूत प्रदीप रावत भी मौजूद रहे। वहीं चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ भी उनके बड़े अधिकारी मौजूद थे, जिनमें विदेश मंत्री वांग यी और प्रधानमंत्री ली कियांग शामिल थे।
मुलाकात में क्या बातें हुईं?
पीएम मोदी ने शी जिनपिंग से कहा कि भारत और चीन के बीच सीमा पर शांति बहुत जरूरी है। दोनों देशों के बीच सीमा विवाद को बातचीत से हल करने की कोशिश हो रही है। दोनों ने सीमा पर शांति और दोस्ती बनाए रखने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि अब भारत और चीन के बीच सीधी उड़ानें फिर से शुरू होंगी। इससे दोनों देशों के लोग आसानी से एक-दूसरे से जुड़ सकेंगे। इसके अलावा, कैलाश मानसरोवर यात्रा भी फिर से शुरू हो गई है, जो दोनों देशों के धार्मिक और सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करती है।
शी जिनपिंग ने क्या कहा?
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि वे पीएम मोदी से दोबारा मिलकर बहुत खुश हैं। उन्होंने कहा कि भारत और चीन दोनों दुनिया के सबसे बड़े और सभ्य देश हैं। दोनों देशों को अच्छे दोस्त और पड़ोसी बनकर साथ काम करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों को अपने संबंधों को लंबे समय तक मजबूत बनाए रखना चाहिए और दुनिया में शांति और विकास के लिए साथ मिलकर काम करना चाहिए।
पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक SCO सम्मेलन में भाग लेंगे। इसके बाद 1 सितंबर को उनकी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात हो सकती है। ये मुलाकातें इसलिए भी खास हैं क्योंकि अभी भारत और अमेरिका के बीच कुछ समस्याएं चल रही हैं।






